
क्या हनुमान के पसीने मे शुक्राणु थे ????
वैसे तो काल्प्नीक कथा रामायण के सुपर हिरो हुनुमान बाल ब्रम्हचारी थे लेकीन आपकी जानकारी के लिये बता दु कि हनुमानजी का एक पुत्र भी था, जिसका नाम था मगरध्वज ।।।
हनुमान पुत्र मकर ध्वज के जन्म की कहानी कुछ इस प्रकार है ।।
एक बार हनुमानजी एक झिल मे नहा रहे थे तभी उनके पसीने की एक बुन्द टपकी और उस पसीने की बुन्द को एक विशाल मगरमच्छ ने पि लिया, एक बार जब पाताल लोग के भय़ंकर राक्छस अहीराण की रसोई मे उस मगरमच्छ को काटा गया तो उसके पेट से मगरधव्ज का जन्म हुआ ।।।।
वैसे तो इस बात की जानकारी हनुमानजी को स्वयं भी नही थी कि उनका उनका एक पुत्र भी है, लेकीन युद्ध मे दौरान लंकापती रावण के आदेशानुसार आहिरावण राम और लक्छण दोनो का अपहरण कर लेता है, और जब हनुमान उन दोनो को बचाने हेतु पाताल लोक मे जाते है तो अहीरावण के महल के द्वार पर उन्की भेंट खुद मगर ध्वज से होती है और मगर ध्वज खुद उन्हे बताते है कि वो हनुमान के पुत्र है और उनका जन्म उनके पसीने की बिन्द से हुआ है ।।।
अब दोस्तो इसमे निम्नलिखीत गौर करने वाली बाते है ।।
1) क्या हनुमान के पसीने मे शुक्राणु थे ??
2) चलो मान लिया कि पसीने मे शुक्राणु थे लेकिन पसीना मुह से पिने से कोई मगर मच्छ गर्भ धारण कैसे कर सकता है ??
अगर हनुमान जी का पसीना सिधे मगर्मच्छ के गुप्तांग मे जाकत टपका होता तो बात अलग थी ।।
3) चलो उपर की दिनो बाते भी मान ली, लेकीन कायदे से तो मगर मच्छ अण्डे देता है फिर कुछ दिनो तक उन अण्डो को रेत मे सेता है फिर उसमे से बच्चा निकलता है, तो इस प्राकार जब हनुमानजी का पसीना पिये हुए मगर मच्छ को जब अहिरावण के यहा काटा गया तो उसके पेट से अण्डे निकलने चाहीये थे, तो फिर सिधे मगर ध्वय कैसे निकल आया ????
4) एक और गौर करने वाली बात जब हनुमान को स्वय़ं नही पता कि उनका कोइ पुत्र है, तो मगरध्वय को ये बात कैसे पता चली कि हनुमान जी उनके पिता है और वो अप्राक्रतिक तरीके से हनुमान के पसीने से गर्भ धारण किये एक मगरमच्छ से जन्मे है, ये बात मगरध्वज को किसने बतायी ??? क्या रसोई मे मरे हुए उस मगर मच्छ ने या फिर अहिरावण ने ???
दोस्तो इस बात पर गौर से सोचो और अपने अपने विचार व्यक्त करे, फालतु बाते करने वालो और गालीया देने वालो को बेन कर दिया जयेगा ।।